Duleep Trophy 2026: सेलेक्टर्स ने नकारा, तो ईशान किशन ने चेपॉक में मचाया गदर! सिराज के खिलाफ ऐसी पारी देख सब सन्न

Duleep Trophy 2026 Ishan Kishan century batting against South Zone

घरेलू क्रिकेट में जब कोई सीनियर खिलाड़ी खुद को साबित करने उतरता है, तो उसका बल्ला सिर्फ रन नहीं बनाता, बल्कि आलोचकों को खामोश भी करता है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में चल रहे Duleep Trophy 2026 के फाइनल मुकाबले में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। साउथ ज़ोन के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने जब ईस्ट ज़ोन की टीम मैदान पर उतरी, तो सबकी निगाहें कप्तान ईशान किशन पर टिकी थीं। टीम इंडिया की मुख्य टीम से लंबे समय से बाहर चल रहे इस आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज ने ऐसा पलटवार किया कि साउथ ज़ोन का पूरा गेंदबाजी खेमा बेबस नजर आया।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट ज़ोन ने पहले ही दिन 79 ओवरों के खेल में 385 रन पर 4 विकेट का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। इस ऐतिहासिक दिन के केंद्र में रहे ईशान किशन, जिन्होंने शतक जड़कर न केवल अपनी टीम को ड्राइविंग सीट पर ला खड़ा किया, बल्कि चयनकर्ताओं के बंद दरवाजों पर भी जोर का हथौड़ा चलाया है।

शुरुआत में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का निडर अंदाज

Duleep Trophy 2026 Vaibhav suryavanshi

मैच की शुरुआत से ही ईस्ट ज़ोन के बल्लेबाजों ने यह साफ कर दिया था कि वे ड्रॉ या डिफेंसिव क्रिकेट खेलने के मूड में नहीं हैं। अनुभवी अभिमन्यु ईश्वरन के साथ महज 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने पारी का आगाज किया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों के सामने जहाँ नए खिलाड़ी संभलकर खेलने की कोशिश करते हैं, वहीं वैभव ने पहली ही गेंद से आक्रामक रवैया अपनाया। वैभव ने महज 37 गेंदों पर 5 चौके और 1 गगनचुंबी छक्का जड़ते हुए 44 रन ठोक दिए। उनका स्ट्राइक रेट करीब 119 का रहा। हालांकि, वे मिलिंद की गेंद पर त्यागराजन को कैच थमा बैठे, लेकिन आउट होने से पहले वे साउथ ज़ोन के खेमे में खलबली मचा चुके थे।

ईश्वरन और शिखर मोहन का मजबूत प्लेटफॉर्म

वैभव के बाद अभिमन्यु ईश्वरन ने पारी को बेहद समझदारी से आगे बढ़ाया। उन्होंने 86 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और 1 छक्के की मदद से शानदार 72 रन जोड़े। बदकिस्मती से देवदत्त पडिक्कल और विकेटकीपर एन जगदीशन के चुस्त थ्रो पर वे रन आउट होकर पवेलियन लौटे।

इसके बाद तीसरे नंबर पर आए शिखर मोहन ने साउथ ज़ोन के गेंदबाजों की खूब परीक्षा ली। शिखर ने 120 गेंदों में 9 चौके और 3 छक्के लगाते हुए 85 रनों की ठोस पारी खेली। सुदीप घरामी (6 रन) भले ही सस्ते में आउट हो गए, लेकिन ईस्ट ज़ोन के टॉप ऑर्डर ने बड़े स्कोर की मजबूत नींव रख दी थी।

Duleep Trophy 2026: चेपॉक में किशन का तूफान, 135 गेंदों पर नाबाद शतक

जब कप्तान ईशान किशन पांचवें नंबर पर क्रीज पर उतरे, तो साउथ ज़ोन के कप्तान तिलक वर्मा ने अपने सबसे अनुभवी स्ट्राइक बॉलर मोहम्मद सिराज को गेंद थमाई। सिराज अपने पूरे आक्रामक तेवर में थे, लेकिन ईशान किशन का इरादा कुछ और ही था।

Ishan kishan Duleep Trophy 2026

ईशान ने पहली ही गेंद से सिराज और अन्य गेंदबाजों पर काउंटर-अटैक शुरू किया। उन्होंने मैदान के चारों तरफ गैप ढूँढते हुए चौकों की झड़ी लगा दी। कवर ड्राइव, पुल और बैकफुट पंच के जरिए ईशान ने गेंदबाजों की लाइन और लेंथ बिगाड़ दी। उन्होंने महज 135 गेंदों पर 14 चौके और 1 छक्का लगाते हुए नाबाद 111 रन पूरे कर लिए। दिन का खेल खत्म होने तक उनका स्ट्राइक रेट 82.22 का रहा, जो फर्स्ट-क्लास फाइनल के पहले दिन के लिहाज से बेहद दुर्लभ माना जाता है।

कुमार कुशाग्र के 5 छक्के और साउथ ज़ोन की गेंदबाजी का पतन

ईशान किशन को दूसरे छोर से युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र का भरपूर साथ मिला। कुशाग्र ने भी साउथ ज़ोन के गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। उन्होंने महज 75 गेंदों में 4 चौके और 5 कड़क छक्के जड़कर नाबाद 63 रन बना लिए हैं। इन दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए अटूट शतकीय साझेदारी हो चुकी है।

दूसरी तरफ, साउथ ज़ोन के मुख्य गेंदबाज पूरी तरह बेअसर साबित हुए:

  • मोहम्मद सिराज: 14 ओवर में 96 रन लुटाए और खाली हाथ रहे (इकोनॉमी: 6.86)।
  • एमडी निधीश: 10 ओवर में 39 रन, 0 विकेट।
  • त्रिपुराना विजय: 22 ओवर में 114 रन, 1 विकेट।
  • मिलिंद: 2 विकेट झटके, लेकिन वे भी रन गति पर लगाम नहीं लगा सके।

बीच मैदान ड्रामा: अंपायर ने तिलक वर्मा को क्यों दी चेतावनी?

मैच के दूसरे और तीसरे सेशन के दौरान मैदान पर काफी गरमा-गरमी देखने को मिली। ईस्ट ज़ोन के तेजी से बढ़ते स्कोर और ईशान किशन के पलटवार से साउथ ज़ोन के कप्तान तिलक वर्मा दबाव में दिखे। वे फील्डिंग सजाने में काफी समय ले रहे थे और बार-बार गेंदबाजों से लंबी चर्चा कर रहे थे।

इसके चलते साउथ ज़ोन का ओवर रेट तय समय से काफी पीछे चला गया। इस पर मैदानी अंपायरों का धैर्य जवाब दे गया। अंपायरों ने तिलक वर्मा को बुलाकर सख्त लहजे में चेतावनी दी और स्पष्ट किया कि यदि ओवर गति में तेजी नहीं आई, तो टीम पर भारी पेनल्टी लगाई जाएगी।

यह भी पढ़ें :Duleep Trophy 2026 Final: सिराज के ओवर में वैभव सूर्यवंशी का तांडव, तिलक वर्मा को क्यों लगाई लताड़?

सेलेक्टर्स के लिए सीधा और कड़ा पैगाम

ईशान किशन का यह शतक सिर्फ एक घरेलू मैच का आंकड़ा नहीं है। यह उन सभी आलोचकों और चयनकर्ताओं को करारा जवाब है, जिन्होंने हाल के दौर में उनके अनुशासन और समर्पण पर सवाल उठाए थे। दबाव भरे फाइनल में, विरोधी टीम के स्टार गेंदबाजों के सामने कप्तानी पारी खेलना यह साबित करता है कि किशन का क्लास आज भी बरकरार है।

दूसरे दिन क्या होगा?

पहले दिन का खेल खत्म होने पर ईस्ट ज़ोन का स्कोर 385/4 (79 ओवर) है। क्रीज पर शतकवीर ईशान किशन और अर्धशतकवीर कुमार कुशाग्र डटे हुए हैं, जबकि निचले क्रम में अनुकूल रॉय, मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार जैसे खिलाड़ी आने बाकी हैं।

यदि साउथ ज़ोन ने दूसरे दिन की सुबह जल्दी विकेट नहीं निकाले, तो ईस्ट ज़ोन 500 से अधिक का स्कोर बनाकर मैच को एकतरफा कर सकती है। Duleep Trophy 2026 के डे-2 के हर लाइव मोड़ और ताज़ा अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।

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